इसराइल इसलिए भारत के लिए बहुत जरूरी है भारत का एक सच्चा मित्र है इजराइल आखिर क्यों खास रिपोर्ट भारत को ऐसे ऐसे वक्त पर मदद किया है जब रूस और अमेरिका जैसे देश ने भी भारत को मदद करने से इनकार किया था
इसराइल इसलिए भारत के लिए बहुत जरूरी है खास रिपोर्ट भारत को ऐसे ऐसे वक्त पर मदद किया है जब रूस और अमेरिका जैसे देश ने भी भारत को मदद करने से इनकार किया था
इजरायल क्यों जरूरी हमारे लिए। कारगिल युद्ध के समय चोटी पर बैठे पाकिस्तानी सैनिकों को सप्लाई देने के लिए पाकिस्तान ने चार विशाल सप्लाई कैंप बना रखे थे
और वह कैंप उन सैनिकों को गोला बारूद से लेकर खाना पीना सप्लाई करते थे और वह सप्लाई कैंप के आसपास कई मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम बनाए गए थे
भारत के लिए इन सप्लाई कैंप को नष्ट करना जरूरी था लेकिन जैसे ही भारत का कोई विमान इन पर बम गिराने के लिए जाता था उसके पहले ही मेड इन अमेरिका की स्ट्रिंगर मिसाइल या कोई अन्य मिसाइल उसे विमान को गिरा देती थी
आप लोगों को विंग कमांडर नचिकेता याद होंगे जिनके विमान को पाकिस्तान ने नष्ट कर लिया था और आठ दिन तक युद्ध बंदी बना दिया था
भारत को अपने कुल आठ विमान खोने पड़े और भारतीय सेना ने कह दिया कि जब तक हम इन रसद और हथियार सप्लाई डिपो को नष्ट नहीं करेंगे तब तक हम चोटियों पर बैठे पाकिस्तानी सैनिकों को अलग-अलग नहीं कर सकते
लेकिन उस समय भारत के पास ऐसी कोई टेक्नोलॉजी नहीं थी जिसके द्वारा भारत ने नष्ट कर सके
भारत को चाहिए लाइटनिंग पॉड और लेजर गाइडेड मिसाइल जो दोनों भारत के पास उसे वक्त नहीं थे
फिर ऐसे में भारत का मित्र देश इजराइल सामने आया उसने लेजर गाइडेड बम दिए लाइटनिंग पोड दिए ताकि बम वर्षक विमान चला रहे पायलट को सटीक लोकेशन मिले
और उन बम में जीपीएस कोऑर्डिनेटर फिट किए गए उस वक्त भारत के पास अपनी जीपीएस टेक्नोलॉजी नहीं थी और अमेरिका ने भारत को जीपीएस कोऑर्डिनेट्स देने से मना कर दिया था
लेकिन इसराइल ने अपनी टेक्नोलॉजी के द्वारा खुद सप्लाई कैंपस के जीपीएस कोऑर्डिनेटर निकालकर लेजर गाइडेड बम में फिट कर दिए थे
और वह सारे बम लगभग 2000 किलो के थे जिन्हें मिराज विमान में लगाना था
और उसके लिए विमान को मॉडिफाई करना जरूरी था
फिर इजरायल के कई इंजीनियर आए ग्वालियर एयर बेस पर मिराज विमान को इसराइल के इंजीनियर ने मॉडिफाई किया और उसमें वह लेजर गाइडेड बम और लाइटनिंग पॉड लगाए गए
मिराज बेहद ऊंचाई पर उड़ते हुए रात के अंधेरे में चुपचाप वह बम गिरा देता है और उन बम में विशेष तरह के कैमरे लगे थे ऐसे कमरे जो हजारों मीटर ऊंचाई से नीचे का एक थर्मल इमेज बना रहे थे कुल छह बम गिराए गए और पाकिस्तान का पूरा कैंप चोटियों पर बैठे सैनिकों को हथियार गोला बारूद और खाना सप्लाई करता था वह नष्ट हो गए सभी हथियार नष्ट हो गए उनके सारे मिसाइल वहां रखे सब कुछ नष्ट हो गया
और यह चोट पाकिस्तान को इतनी बड़ी चोट थी कि उसी पल यह तय हो गया कि अब यह युद्ध तीन दिन से ज्यादा नहीं चलेगा
क्योंकि सैनिकों को मिलने वाली सभी सप्लाई खत्म हो गई और वही हुआ
तो इसीलिए याद रखना इसराइल ने भारत को ऐसे ऐसे वक्त पर मदद किया है जब रूस और अमेरिका जैसे देश ने भी भारत को मदद करने से इनकार किया है
यकीन मानिए उसे समय अगर इसराइल ने भारत की मदद नहीं की होती तो भारत की क्या स्थिति बनती खुद सोच सकते हैं इसलिए कहा जाता है वक्त का साथी है भारत का इजरायल सच्चा मित्र है इजराइल


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