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*बाबा गुरबक्श धाम हरगांव में आज दो नए महंत बनेंगे धर्मे धाम के महंत अजीत प्रताप दास उन्हें दीक्षित करेंगे और पढ़ें*

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क्या श्रीराम पौने दो करोड़ वर्ष पहले हुए थे क्या प्रभु श्री राम भगवान कृष्ण के पहले वाले युग में अवतरित हुये थे यदि आप ऐसा समझते हैं कि ऐसा नहीं है तो फिर सही क्या है पढिये यहाँ मिलेगी दुर्लभ जानकारी कल्पना से भी परे
ब्राह्मण समुदाय की स्थिति जटिल और विविध है, जिसमें आर्थिक और सामाजिक दोनों पहलू शामिल हैं।आमतौर पर यह माना जाता है कि ब्राह्मण समुदाय आर्थिक रूप से संपन्न है, लेकिन वास्तविकता यह है कि इस समुदाय के कई वर्ग आर्थिक रूप से बहुत कमजोर हैं। *रेनू पाठक*
क्या श्रीराम पौने दो करोड़ वर्ष पहले हुए थे क्या प्रभु श्री राम भगवान कृष्ण के पहले वाले युग में अवतरित हुये थे यदि आप ऐसा समझते हैं कि ऐसा नहीं है तो फिर सही क्या है पढिये यहाँ मिलेगी दुर्लभ जानकारी कल्पना से भी परे
ब्राह्मण समुदाय की स्थिति जटिल और विविध है, जिसमें आर्थिक और सामाजिक दोनों पहलू शामिल हैं।आमतौर पर यह माना जाता है कि ब्राह्मण समुदाय आर्थिक रूप से संपन्न है, लेकिन वास्तविकता यह है कि इस समुदाय के कई वर्ग आर्थिक रूप से बहुत कमजोर हैं। *रेनू पाठक*

*बाबा गुरबक्श धाम हरगांव में आज दो नए महंत बनेंगे धर्मे धाम के महंत अजीत प्रताप दास उन्हें दीक्षित करेंगे और पढ़ें*

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*बाबा गुरबक्श धाम हरगांव में आज दो नए महंत बनेंगे धर्मे धाम के महंत अजीत प्रताप दास उन्हें दीक्षित करेंगे और पढ़ें*

जामो अमेठी बाबा गुरबक्श दास हर गांव में छोटी गद्दी के नाम से जानी जाती है वहीं बाबा सिद्धा दास धाम बड़ी गद्दी के रूप में जाना जाता है बाबा सिद्धा दास धाम की महंथ रेखा दास है और बाबा गुरु बकश दास धाम में इस समय हनुमान प्रसाद दास गद्दी नसीन है वृद्ध हो चुके हैं अपने जीवन काल में वह संतोष दास और राज किशोर दास को अपनी गद्दी पर परंपरा के अनुसार धर्में धाम के महंत अजीत प्रताप दास की उपस्थिति में उनके द्वारा दीक्षित कर करके उन्हें गद्दी सौंपेंगे आज यह कार्यक्रम धाम हर गांव में बड़े धूमधाम से संपन्न होगा दोनों गद्दी के ब्रह्मलीन महंत बाबा

सिद्धा दास और गुरबख्श दास दूर-दूर तक प्रसिद्ध है जिनकी आभा यहां पर फैली हुई है जिसका लाभ आम जन मानस को मिला करता है लोग समय पर दर्शन पूजन के लिए दोनों धर्मों पर जाया करते हैं और दोनों धाम में नाम प्राप्त करके भजन सुमिरन करके अपने इस लोक और परलोक संवारने का काम भक्त करते हैं आज धर्में धाम के महंत अजीत प्रताप दास की उपस्थिति में संतोष कुमार पांडे संतोष दास के रूप में जाने जाएंगे उनके पिता ओमप्रकाश पांडे ओमप्रकाश दास यहां पर गद्दी नशीन रहे हैं इस समय हनुमान प्रसाद दास गद्दी नसीन है हनुमान प्रसाद दास के परिवार से रामकिशोर दास और ओमप्रकाश दास के पुत्र संतोष दास दीक्षित होंगे और अपनी गद्दी संभालेंगे कार्यक्रम लगभग 2:00 बजे से आरंभ होगा और कार्यक्रम संतों की गरिमा मई उपस्थिति में संपन्न होगा जिसके बाद में भोज यानी प्रसाद का वितरण भी होगा कार्यक्रम में हजारों हजार नामदानी संत परंपरा के भक्तगण कार्यक्रम में सम्मीलित होंगे

संपादक
आपकी बात समाचार
अशोक कुमार पाण्डेय

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