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*अमेठी क्यों पड़ा नाम 1000 साल पुराना है राज और गौरीगंज क्यों पडा नाम फिर छत्रपति शाहूजी महाराज नगर फिर अमेठी क्यों*

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*अमेठी क्यों पड़ा नाम 1000 साल पुराना है राज और गौरीगंज क्यों पडा नाम फिर छत्रपति शाहूजी महाराज नगर फिर अमेठी क्यों*

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*अमेठी क्यों पड़ा नाम 1000 साल पुराना है राज और गौरीगंज से छत्रपति शाहूजी महाराज नगर फिर अमेठी क्यों*

जामो अमेठी का नाम सुनते ही लोगों के मन में राजनीति आती है, लेकिन इसका नामकरण राजनीति से नहीं, बल्कि आस्था और इतिहास से जुड़ा है।

विधान केसरी की पड़ताल में सामने आया रोचक इतिहास –

1. 966 ईस्वी में हुई थी रियासत की स्थापना:
माना जाता है कि अमेठी रियासत की स्थापना लगभग 966 ईस्वी में राजस्थान से आए प्रतापी राजा सोढ देव ने की थी। वह अयोध्या जा रहे थे, तभी अमेठी में भर राजाओं से उनका भीषण युद्ध हुआ, जिसमें विजय प्राप्त कर उन्होंने यहां अपनी रियासत की स्थापना की।

2. कुलदेवी के नाम पर पड़ा नाम:
इतिहासकारों के अनुसार अमेठी का नाम देवीपाटन की कुलदेवी मां दुर्गा के “अंबेष्ठी” नाम से पड़ा।

इतिहासकार कवि अमरेश शुक्ला बताते हैं कि देवीपाटन की कुलदेवी मां दुर्गा का नाम अंबेष्ठी था, उन्हीं के नाम से ही इस रियासत और राज्य का नाम अमेठी घोषित हुआ।

बाद में अंबेष्ठी शब्द ही बोलचाल में अमेठी बन गया।

3. गौरीगंज है जिला मुख्यालय:
आज अमेठी उत्तर प्रदेश का 72वां जिला है। इसे 1 जुलाई 2010 को आधिकारिक तौर पर अस्तित्व में लाया गया था। इससे पहले इसका नाम छत्रपति शाहूजी महाराज नगर रखा गया था, जिसे बाद में बदलकर पुनः अमेठी कर दिया गया।
आपकी बात समाचार का दावा: अमेठी सिर्फ गांधी परिवार की कर्मभूमि नहीं, संत पीठ और राजपीठ की धरती है, जहां राजा रणंजय सिंह, राजा माधव सिंह जैसे प्रतापी राजाओं ने शासन किया।
4ं.यह रही पूर्व जमाने की बात अमेठी प्रसिद्ध कब हुआ जब यहां से संजय गांधी जी ने चुनाव लड़ा तब देश दुनिया में यह विख्यात हो गया उसके बाद में राजीव गांधी सोनिया गांधी और राहुल गांधी किशोरी लाल शर्मा सतीश शर्मा ने यहां से चुनाव लड़ा राजमोहन गांधी ने यहां से चुनाव लड़ा यहां से चुनाव गांधी परिवार की के कारण यहां पर फैक्ट्रीयों का जल बीछ गया राजीव गांधी यहाँ देश की प्रधानमंत्री बने और अमेठी दुनिया में शुबिख्यात हो गया अमेठी अमेठी अमेठी प्रसिद्ध हो गया
*गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र के निवासी चंद्र प्रकाश मिश्र मटियारी की राजनीति में एंट्री से सब कुछ बदल गया यहां तक प्रशासनिक महकमा भी

5.गौरीगंज, जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है, वास्तव में पहले किसी एक नाम से नहीं जाना जाता था। इसे 1845 में अमेठी रियासत के राजा लाल माधव सिंह द्वारा कटरा-लालगंज और माधोपुर नामक दो छोटे गांवों को मिलाकर बसाया गया था।रानी द्वारा ‘माता गौरी’ की पूजा के बाद इस क्षेत्र को गौरीगंज नाम दिया गया जो माँ गौरी के नाम पर है

।गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र से चंद्र प्रकाश मिश्रारी ने चुनाव लड़ा उन्होंने प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती से गौरीगंज को जिला बनाने की मांग की और मायावती जी ने उनकी मांग को स्वीकार कर लिया रात्रि में लोग सो रहे थे और सुबह उठे तब पता चला वह छत्रपति शाहूजी महाराज नगर के निवासी हो गए एक ग्राम पंचायत जिला बन गया राज्यपाल ने अपनी अधिसूचना में लिखा मैं राज्यपाल गौरीगंज का नाम बदलकर जनपद अमेठी करता हूं इस तरह से गौरीगंज जिला बन गया जिसका नाम छत्रपति शाहूजी महाराज नगर रखा गया यानी इसका तब अमेठी तहसील से कोई इसका संबंध नहीं था राज्यपाल ने अधिसूचना में गौरीगंज का नाम बदल करके जनपद छत्रपति शाहूजी महाराज नगर किया और मुख्यमंत्री मायावती जी ने भी गौरीगंज को ही नाम बदलकर के छत्रपति शाहूजी महाराज नगर कर दिया इसी को बाद की सरकार ने नाम जिला अमेठी कर दिया चंद्रप्रकाश मिश्र मटियारी के विधायक बनने से यह गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र जिला मुख्यालय बना उनकी मांग पर बना जिसके कारण जिले के कारण यहां पर मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली लेकिन तहसील तिलोई चला गया जिले के कारण ही कुछ कार्यालय यहां और बनने थे लेकिन वह अमेठी तहसील निकल गए फिलहाल आज चंद्र प्रकाश मिश्र मटियारी तात्कालिक विधायक गौरीगंज की मांग पर बना गौरीगंज जिला मुख्यालय में आज कलेक्ट्रेट जिला अस्पताल मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय पुलिस लाइन दीवानी जैसे कार्यालय कुछ बन चुके हैं कुछ बन रहे हैं आज यह जनपद के रूप में उड़ान भर रहा है इसी जनपद में ढेर सारी फैक्ट्रियां हैं और जनपद स्तरीय कार्यालय बल्कि बनने के बाद में यह एक बड़े जनपद के रूप में यह अब बन गया है यहां की पुलिस लाइन यहां का दीवानी न्यायालय आधुनिक रूप से बन रहा है वही कलेक्ट्रेट बन चुका है आगे आने वाले समय में जनपद अमेठी में ढेर सारी सुविधाएं लोगों को मिलेगी इसी जनपद में अमेठी लोकसभा क्षेत्र से स्मृति ईरानी ने चुनाव लड़ा कोका कोला बेब्रोज की एक बड़ी फैक्ट्री उन्हीं के द्वारा इस जनपद को मिली उन्हेी के द्वारा गन फैक्ट्री भी उन्होंने सड़कों का यहां एक प्रकार से कायाकल्प कर दिया लगभग सभी सडके टू लेन जहां पर बन चुकी हैं चौड़ी बन चुकी है स्मृति ईरानी जी ने इस जनपद को तेजी से विकास की कड़ी में जोड़ दिया आज अगर स्मृति ईरानी जी इस बार सांसद होती यह जनपद और तेजी से उड़ान भरता आगे और कितना विकास होगा यह भविष्य के गर्भ में है हम तो यही कहेंगे एक विकसित अमेठी आधुनिक अमेठी आने वाले समय में लोगों को ढेर सारी सुविधा इस जनपद में मिलेंगे मलाल सिर्फ यह रहेगा जिला मुख्यालय से मेडिकल कॉलेज रेफरल सेंटर जैसे अस्पताल यहां से अलग हटकर के बन गए जबकि चलाना बनता यह सौगात भी जनपद अमेठी को नहीं मिलती जिसका दंस अमेठी वासियों को जनपद वासियों को हमेशा रहेगा

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