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उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ परिसर में हुआ पौधारोपण

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क्या श्रीराम पौने दो करोड़ वर्ष पहले हुए थे क्या प्रभु श्री राम भगवान कृष्ण के पहले वाले युग में अवतरित हुये थे यदि आप ऐसा समझते हैं कि ऐसा नहीं है तो फिर सही क्या है पढिये यहाँ मिलेगी दुर्लभ जानकारी कल्पना से भी परे
ब्राह्मण समुदाय की स्थिति जटिल और विविध है, जिसमें आर्थिक और सामाजिक दोनों पहलू शामिल हैं।आमतौर पर यह माना जाता है कि ब्राह्मण समुदाय आर्थिक रूप से संपन्न है, लेकिन वास्तविकता यह है कि इस समुदाय के कई वर्ग आर्थिक रूप से बहुत कमजोर हैं। *रेनू पाठक*
इसराइल इसलिए भारत के लिए बहुत जरूरी है भारत का एक सच्चा मित्र है इजराइल आखिर क्यों खास रिपोर्ट भारत को ऐसे ऐसे वक्त पर मदद किया है जब रूस और अमेरिका जैसे देश ने भी भारत को मदद करने से इनकार किया था
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ब्राह्मण समुदाय की स्थिति जटिल और विविध है, जिसमें आर्थिक और सामाजिक दोनों पहलू शामिल हैं।आमतौर पर यह माना जाता है कि ब्राह्मण समुदाय आर्थिक रूप से संपन्न है, लेकिन वास्तविकता यह है कि इस समुदाय के कई वर्ग आर्थिक रूप से बहुत कमजोर हैं। *रेनू पाठक*
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उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ परिसर में हुआ पौधारोपण

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उच्च न्यायालय परिसर में हुआ पौधारोपण

09 जुलाई 2025 लखनऊ।

“एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के तहत, गोमती नगर स्थित उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ के परिसर में वृहद पौधारोपण जन-महाभियान कार्यक्रम 2025 बुधवार को आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य माँ के नाम पर एक पेड़ लगाना और एक स्थायी स्मृति बनाना है, जो न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगा बल्कि एक हरे और अधिक समृद्ध भविष्य के निर्माण में भी योगदान देगा।

इस पौधारोपण कार्यक्रम में उच्च न्यायालय, लखनऊ खण्डपीठ के वरिष्ठ न्यायमूर्ति अताउ रहमान मसूदी व अन्य माननीय न्यायमूर्तिगण तथा न्यायालय के रजिस्ट्री अधिकारीगण भी सम्मिलित हुये।

न्यायमूर्तिगण ने पौधों की अलग-अलग प्रजातियों जैसे चंपा, गुलाचीन, चाँदनी, मनोकामिनी इत्यादि पौधों का रोपण किया। यह कार्यक्रम वन विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम के उपरान्त न्यायमूर्तिगण को मुख्य संरक्षक प्रमोद कुमार गुप्ता द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

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