बांसडीह की पुकार – अतुल सिंह अबकी बार!
बांसडीह की पुकार – अतुल सिंह अबकी बार!
बलिया की धरती, बागियों की धरती… और बांसडीह की सबसे चर्चित सीट पर इस बार इतिहास लिखने की तैयारी है!
2027 के रण से पहले बांसडीह विधानसभा (362) में एक ही नाम गूंज रहा है – जन-जन के लाडले, RSS के पुराने सिपाही और बीजेपी के जमीनी योद्धा अतुल सिंह।
क्यों बांसडीह को चाहिए अतुल सिंह जैसा नेता?
भगवा सोच, बेदाग छवि: संघ की शाखा से निकला हुआ एक अनुशासित सिपाही, जिसने राष्ट्रवाद को जिया है।
जमीनी नेता, जमीन पर सक्रिय: पिछले कई सालों से बिना किसी पद के भी गांव-गांव, गरीब-किसान-युवा सबके सुख-दुख में खड़े हैं। यही तो असली नेता की पहचान है।
युवाओं की पहली पसंद – ‘अतुल भैया’: बांसडीह के युवा और पुराने कार्यकर्ता एक सुर में कह रहे हैं – इस बार बदलाव चाहिए और बदलाव का नाम है अतुल सिंह।
आज बांसडीह की जनता को प्रचार वाला नहीं, सेवा वाला नेता चाहिए। और जब बीजेपी आलाकमान जिताऊ, बेदाग और संघ के समर्पित चेहरे को तलाशेगी, तो अतुल सिंह का नाम सबसे ऊपर होगा।
विरोधियों की नींद उड़ी हुई है, क्योंकि जनता ने मन बना लिया है।
क्या इस बार कमल खिलाने की जिम्मेदारी अतुल सिंह को मिलेगी? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं।

संपादक
आपकी बात समाचार
अशोक कुमार पाण्डेय
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